Hindi Important Questions



हिंदी भाषा TET परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है इस भाग को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है .बस आपको जरुरत है तो बस एकाग्रता की. ये खंड न सिर्फ CTET Exam  में एहम भूमिका निभाता है अपितु दूसरी परीक्षाओं जैसे UPTET, KVS ,NVS, DSSSB आदि में भी रहता है, तो इस खंड में आपकी पकड़, आपकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.TEACHERSADDA आपके इस चुनौतीपूर्ण सफ़र में हर कदम पर आपके साथ है।



Q1. धर्मेन्द्र खेलेगा। कौन-सा काल है?
(a) सामान्य वर्तमान
(b) सामान्य भविष्यत्
(c) संभाव्य भविष्यत्
(d) कोई नहीं

Q2. सात्विक जाता तो श्रुति आती। काल पहचानिए।
(a) अपूर्ण भूत
(b) हेतुहेतुमद् भूत
(c) संदिग्ध भूत
(d) आसन्न भूत

Q3. शायद प्रदीप पढ़ ले। काल पहचानिए।
(a) संभाव्य भविष्यत्
(b) सामान्य भविष्यत्
(c) हेतुहेतुमद् भविष्यत्
(d) कोई नहीं

Q4. रूद्र खेल रहा होगा। काल पहचानिए।
(a) पूर्ण भूत
(b) संदिग्ध भूत
(c) अपूर्ण भूत
(d) सामान्य भविष्यत्

Q5. नीलम ऑफिस गई है। काल पहचानिए।
(a) सामान्य भूत
(b) पूर्ण भूत
(c) अपूर्ण भूत
(d) आसन्न भूत

Directions(6-10): निमंलिखित पंक्तियों में कौन-सा रस निहित है?
Q6. वतरस लालच लाल की मुरली धरी लुकाया।
सौंह करैं भैंहनु हंसे देन कै नटि जाय।।

(a) श्रृंगार रस
(b) वीर रस
(c) शांत रस
(d) वात्सल्य रस

Q7. जसोदा हरि पालनें झुलावैं ।
हलरावै दुलरावै, मल्हावै जोई सोई, कछु गावै।


(a) श्रृंगार रस
(b) वीर रस
(c) शांत रस
(d) वात्सल्य रस

Q8. सिर पर बैठो काग आांखि दोउ खात-निकारता।
खींचता जीभंहि स्यार अतिहि आनन्द उर धारत।।


(a) श्रृंगार रस
(b) वीर रस
(c) शांत रस
(d) वात्सल्य रस

Q9. मैं सत्य कहता हूँ सखे। सुकुमार मत जानो मुझे।
यमराज से भी युद्ध में प्रस्तुत सदा जानो मुझे।।

(a) श्रृंगार रस
(b) वीर रस
(c) शांत रस
(d) वात्सल्य रस

Q10. सतगुरु की महिमा अनँत, अनँत किया उपकार।
लोचन अनँत उघड़िया अनँत दिखावण हर।।


(a) श्रृंगार रस
(b) वीर रस
(c) शांत रस
(d) वात्सल्य रस


Solutions



S1. Ans.(b)
Sol. सामान्य भविष्य काल :- क्रिया के जिस रूप से क्रिया के सामान्य रूप का भविष्य में होने का पता चले उसे सामान्य भविष्य काल कहते हैं। अथार्त जिन शब्दों के अंत में ए गा , ए गी , ए गे आदि आते हैं उन्हें सामान्य भविष्य काल कहते हैं। इससे क्रिया के भविष्य में होने का पता चलता है।
संभाव्य भविष्य काल :- क्रिया के जिस रूप से आगे कार्य होने या करने की संभावना का पता चले उसे संभाव्य भविष्य काल कहते हैं। इसमें क्रियाओं का निश्चित पता नहीं चलता। इसमें भविष्य में किसी कार्य के होने की संभवना होती है। जैसे :- शायद कल सुनील आगरा जाए।
सामान्य वर्तमान काल :- क्रिया के जिस रूप से कार्य की पूर्णता और अपूर्णता का पता न चले उसे सामान्य वर्तमान काल कहते हैं। अथार्त जिस क्रिया से क्रिया के सामान्य रूप का वर्तमान में होने का पता चलता है उसे सामान्य वर्तमान काल कहते हैं। जिन वाक्यों के अंत में ता है , ती है , ते है , ता हूँ , ती हूँ आदि आते हैं उसे सामान्य वर्तमान काल कहते है।

S2. Ans.(b)
Sol. हेतुहेतुमद् भूतकाल :- जहाँ भूतकाल में किसी कार्य के न हो सकने का वर्णन कारण के साथ दो वाक्यों में दिया गया हो, वहाँ हेतुहेतुमद् भूतकाल होता है।
संदिग्ध भूतकाल:- भूतकाल की जिस क्रिया से कार्य होने में अनिश्चितता अथवा संदेह प्रकट हो, उसे संदिग्ध भूतकाल कहते है।
अपूर्ण भूतकाल:- जिस क्रिया से यह ज्ञात हो कि भूतकाल में कार्य सम्पन्न नहीं हुआ था - अभी चल रहा था, उसे अपूर्ण भूत कहते हैं। जैसे- सुरेश गीत गा रहा था।
आसन्न भूतकाल :-क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि क्रिया अभी कुछ समय पहले ही पूर्ण हुई है, उसे आसन्न भूतकाल कहते हैं। इससे क्रिया की समाप्ति निकट भूत में या तत्काल ही सूचित होती है। जैसे- मैने आम खाया हैं।

S3. Ans.(a)
Sol. हेतुहेतुमद्भविष्य भविष्य काल:- क्रिया के जिस रूप से एक कार्य का पूरा होना दूसरी आने वाले समय की क्रिया पर निर्भर हो उसे हेतुहेतुमद्भविष्य भविष्य काल कहते है। इसमें एक क्रिया दूसरी पर निर्भर होती है। इसमें एक क्रिया का होना दूसरी क्रिया पर निर्भर होता है। जैसे :- यदि छुट्टियाँ होंगी तो मैं आगरा जाउँगा।

S4. Ans.(b)
Sol. पूर्ण भूतकाल: क्रिया के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, उसे पूर्ण भूतकाल कहते हैं। जैसे- उसने श्याम को मारा था।
संदिग्ध भूतकाल :- क्रिया के जिस रूप से अतीत में हुए या करे हुए कार्य पर संदेह प्रकट किया जाये उसे संदिग्ध भूतकाल कहते हैं। जिन वाक्यों के अंत में गा , गे , गी आदि आते हैं वे संदिग्ध भूतकाल होते हैं।

S5. Ans.(d)

S6. Ans.(a)

S7. Ans.(d)

S8. Ans.(d)

S9. Ans.(b)

S10. Ans.(c)