Hindi Previous Year Questions


हिंदी भाषा TET परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है इस भाग को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है .बस आपको जरुरत है तो बस एकाग्रता की. ये खंड न सिर्फ CTET Exam (परीक्षा) में एहम भूमिका निभाता है अपितु दूसरी परीक्षाओं जैसे UPTETKVS ,NVSDSSSB आदि में भी रहता है, तो इस खंड में आपकी पकड़, आपकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.TEACHERSADDA आपके इस चुनौतीपूर्ण सफ़र में हर कदम पर आपके साथ है।

निर्देश (1-5). निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
महाकवि सूरदास का 'सूर-सागर' भागवत के आधार पर लिखा हुआ ग्रंथ है। इसीलिए महाकवि 'सूर' ने भी ब्रह्म का यही स्वरूप ग्रहण किया और भगवान श्रीकृष्ण को अपनी उपासना का केन्द्र मानकर वैष्णव सम्प्रदाय के सिद्धान्तों का ही प्रतिपादन किया है। वास्तव में वैदिक ऋचाओं में वर्णित सिद्धान्त ही वैदिक धर्म के प्रकाण्ड आचार्यों द्वारा प्रचारित हुए हैं। काल और स्थिति के अनुसार धार्मिक सिद्धान्तों में भी परिवर्तन होना आवश्यक है। सर्वप्रथम दृष्टि से भगवान कृष्ण ने इन वैदिक सिद्धान्तों में कुछ परिवर्तन कर सूरकालीन वैष्णव धर्म का शिलान्यास किया। अत: भगवान कृष्ण को ही वैष्णव धर्म का प्रथम आचार्य कहना अनुचित न होगा। धार्मिक और ऐतिहासिक अनुसंधानों के अनुसार वेदों और संहिताओं की रचना भिन्न-भिन्न काल में हुई है। उदाहरणार्थ- यजुर्वेद संहिता में केशी नामक राक्षस का कृष्ण द्वारा वध किए जाने का उल्लेख है। इससे प्रमाणित होता है कि यह संहिता कृष्ण जन्म के बाद लिखी गई है।  -सूरदर्शन, डॉ. कृष्ण लाल 'हंस'

Q1. उक्त गद्यांश का सारांश एक पंक्ति में इस प्रकार हो सकता है
(a) श्रीमद्भागवत ग्रंथ सूर-सागर की रचना का आधार है
(b) श्रीमद्भागवत नहीं अपितु ब्रह्म वैवर्त पुराण सूर-सागर का आधार है
(c) महाभारत ग्रंथ सूर-सागर का आधार है
(d) वैदिक ऋचाएँ सूर-सागर का आधार हैं

Q2. हिन्दी साहित्य में भक्ति तथा रीति काल को सम्मिलित करके तीन उत्तम कवि माने गए हैं, जिनमें प्रथम स्थान :
(a) सूरदास का है
(b) तुलसीदास का है
(c) केशवदास का है
(d) देव का है

Q3. महाकवि सूरदास भक्तिकाल में सगुण भक्ति की :
(a) कृष्ण भक्ति शाखा के कवि थे ।
(b) राम कृष्ण दोनों की भक्ति शाखा के कवि थे
(c) स्मार्त कवि थे
(d) उपर्युक्त किसी शाखा के कवि नहीं थे

Q4. इस गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक हो सकता है :
(a) सूर-सागर का प्रणयन
(b) वैष्णव धर्म के प्रथम आचार्य श्रीकृष्ण
(c) परब्रह्म श्रीकृष्ण
(d) वैष्णव धर्म का शिलान्यास

Q5. सूर-सागर की कथा श्रीमद्भागवत के :
(a) दशम स्कंध से ली गई है
(b) एकादश स्कंध से ली गई है
(c) नवम स्कंध से ली गई है
(d) उपर्युक्त किसी स्कंध से नहीं ली गई है।

Q6. किलक अरे मैं नेह निहारूँ। इन दाँतों पर मोती वारूँ।
इन पंक्तियों में कौन सा रस है?


(a) वीर रस
(b) शांत रस
(c) वात्सल्य रस
(d) भक्ति रस

Q7. ‘बाल की खाल उतारना’ मुहावरे का अर्थ है-
(a) दुश्मनी निकालना
(b) व्यर्थ का कार्य करना
(c) बहुत छानबीन करना
(d) जान-पहचान बढ़ाना

Q8. उपन्यास और कहानी का मूल अंतर है, उसका -
(a) आकार-प्रकार
(b) विषय-निरूपण
(c) घटना का चयन
(d) पात्रों की विविधता

Q9. रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।
पानी गए न ऊबरे, मोती मानुस चून।।
उपर्युक्त पंक्तियों में कौन सा छंद है?

(a) दोहा
(b) सवैया
(c) चौपाई
(d) सोरठा

Q10. निम्नलिखित में से द्विगु समास’ का उदाहरण है-
(a) दशानन
(b) एकदन्त
(c) तिरंगा
(d) त्रिभुवन



Solutions



S1. Ans.(a)

S2. Ans.(b)

S3. Ans.(a)

S4. Ans.(b)

S5. Ans.(a)

S6. Ans. (c): प्रस्तुत पंक्तियों में ‘वात्सल्य रस’ का प्रयोग किया गया है।

S7. Ans. (c): ‘बाल की खाल उतारना’ मुहावरे का अर्थ है- बहुत छानबीन करना।

S8. Ans. (b): उपन्यास और कहानी का मूल अंतर ‘विषय-निरूपण’ है।

S9. Ans. (a): प्रस्तुत पंक्तियों में ‘दोहा’ छंद का प्रयोग किया गया है।

S10. Ans. (d): ‘त्रिभुवन’, द्विगु समास’ का उदाहरण है।