UPTET/ NVS 2019 Exam - Practice Hindi Questions Now | 14th September 2019

UPTET/ NVS 2019 Exam - Practice Hindi Questions

हिंदी भाषा TET परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है इस भाग को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है .बस आपको जरुरत है तो बस एकाग्रता की. ये खंड न सिर्फ CTET Exam (परीक्षा) में एहम भूमिका निभाता है अपितु दूसरी परीक्षाओं जैसे UPTETKVS ,NVSDSSSB आदि में भी रहता है, तो इस खंड में आपकी पकड़, आपकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.TEACHERSADDA आपके इस चुनौतीपूर्ण सफ़र में हर कदम पर आपके साथ है।

Q1. एक विशेषण शब्द नहीं है-
(a) लजीला
(b) लाडला
(c) लांछन
(d) लापता

Q2. ‘युद्ध देख कर अशोक का कठोर हृदय मोम जैसा पिघल गया’- वाक्य में विशेष्य है-
(a) कठोर
(b) अशोक
(c) हृदय
(d)मोम

Q3. निम्नलिखित में से एक ‘पत्थर’ का पर्यायवाची नहीं है-
(a) प्रस्तर
(b) उपल
(c) पशम
(d) पाहन

Q4. पर्यायवाची की दृष्टि से एक वर्ग शुद्ध है-
(a) सिंह, पंचानन, नाहर, मृगारि
(b) सूर्य, रवि, दिनकर, तरणी
(c) अग्नि, पावक, अनल, पिशुन
(d) महेश, रमेश, भूतेश, सतीश

Q5. निम्नलिखित में से एक ‘स्वर्ण’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है-
(a) हेम
(b) हाटक
(c) हिरण्या
(d) कलधौत

Q6. निम्नलिखित में से एक ‘नदी’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है-
(a) निम्नगा
(b) त्रिपथगा
(c) कूलंकषा
(d) कूलवती

Q7. ‘भूगोल’ का विपरीतार्थक शब्द है-
(a) इतिहास
(b) अंतरिक्ष
(c) ध्रवगोल
(d) खगोल

Q8. ‘सहयोगी’ का सर्वथा उपयुक्त विपरीतार्थक शब्द है-
(a) प्रतियोगी
(b) प्रतिद्वन्द्वी
(c) प्रतिरोधी
(d) प्रतिकूल

Q9. एक की वर्तनी शुद्ध है-
(a) आविष्कार
(b) देवार्षि
(c) निशब्द
(d) जमाता

Q10. एक वाक्य शुद्ध है-
(a) पर्वतीय प्रदेश में प्रातः काल का दृश्य बहुत चित्ताकर्षक होता है।
(b) प्रत्येक धर्म के लिए अच्छा सद्भाव रखना हमारा कत्र्तव्य है।
(c) मेरे वेतन का अधिकांश भाग बच्चों की पढ़ाई में ही खर्च हो जाता है।
(d) इस बात का स्पष्टीकरण करना आवश्यक है।




Solutions



S1. Ans.(c)

Sol. व्याख्या- लजीला, लाडला तथा लापता विशेषण हैं, जबकि लांछन पुल्लिंग शब्द है जिसका अर्थ चिह्न, निशान; दाग, धब्बा; दोष, ऐब इत्यादि होता है। लांछन का विशेषण लांछित होता है।



S2. Ans.(c)

Sol. व्याख्या- प्रस्तुत वाक्य में ‘हृदय’ विशेष्य है, जिसका विशेषण कठोर है।



S3. Ans.(c)

Sol. व्याख्या- ‘पशम’, ‘पत्थर’ का पर्यायवाची नहीं है, शेष पर्यायवाची ‘पत्थर’ के हैं। पशम का अर्थ पशमीना तथा पेट-पेडू भी होता है।



S4. Ans.(a)

Sol. व्याख्या- विकल्प (a) का वर्ग पर्यायवाची की दृष्टि से शुद्ध वर्ग है। यह वर्ग शेर का पर्यायवाची है। शेर के पर्यायवाची हैं- सिंह, पंचानन, नाहर, मृगारि, शार्दूल, व्याघ्र, पंचमुख, मृगराज, वनपति, मृगेंद्र, केशरी, केहरि, केशी, महावीर, नखायुध आदि। विकल्प (b) में प्रस्तुत ‘तरणी’ का अर्थ ‘नौका’ अथवा ‘नाव’ है, जबकि शेष शब्द ‘भानु’ के पर्यायवाची हैं। विकल्प (c) में प्रस्तुत ‘पिशुन’ का अर्थ ‘चुगलखोर’ होता है, जबकि शेष आग के पर्यायवाची है। इसी प्रकार विकल्प (d) में प्रस्तुत ‘रमेश’ अर्थात रमा के पति का अर्थ ‘विष्णु’ है, जबकि अन्य शब्द शिव के पर्यायवाची हैं।



S5. Ans.(c)

Sol. व्याख्या- ‘स्वर्ण’ का पर्यायवाची हिरण्या नहीं है। ‘स्वर्ण’ के पर्यायवाची हैं- हेम, हाटक, कनक, हिरण्य, कलधौत, कंचन, जातरूप, चामीकर, सुवर्ण आदि।



S6. Ans.(b)

Sol. व्याख्या- ‘त्रिपथगा’ गंगा का पर्यायवाची है। ‘निम्नगा’ तथा ‘कूलवती’ नदी का पर्यायवाची है, जबकि कूलंकषा, ‘किनारे को काटती उफनाती बरसाती नदी’ को कहते हैं। अतः ‘कूलंकषा’ को भी नदी का पर्यायवाची माना जा सकता है।



S7. Ans.(d)

Sol. व्याख्या- ‘भूगोल’ का विपरीतार्थक शब्द ‘खगोल’ है।



S8. Ans.(a)

Sol. व्याख्या- ‘सहयोगी’ का उपयुक्त विपरीतार्थक शब्द ‘प्रतियोगी’ है। ‘प्रतिकूल’ का विलोम ‘अनुकूल’ होता है।



S9. Ans.(a)

Sol. व्याख्या- ‘आविष्कार’ शुद्ध वर्तनी है। शेष वर्तनी अशुद्ध हैं। इनकी शुद्ध वर्तनी क्रमशः इस प्रकार हैं- देवर्षि, निःशब्द तथा जामाता।



S10. Ans.(a)

Sol. व्याख्या- विकल्प (a) में शुद्ध वाक्य है। विकल्प (b) में ‘अच्छा’ का प्रयोग निरर्थक है। ‘सद्भाव’ का अर्थ ही ‘अच्छा भाव’ होता है। इसी प्रकार विकल्प (c) में ‘भाग’ का प्रयोग निरर्थक है क्योंकि अधिकांश’ का अर्थ अधिक अंश या भाग होता है। विकल्प (d) में ‘करना’ का प्रयोग अनुचित है।




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