UPTET/ NVS 2019 Exam - Practice Hindi Questions Now | 16th August 2019



हिंदी भाषा TET परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है इस भाग को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है .बस आपको जरुरत है तो बस एकाग्रता की. ये खंड न सिर्फ CTET Exam (परीक्षा) में एहम भूमिका निभाता है अपितु दूसरी परीक्षाओं जैसे UPTET, KVS,NVS DSSSB आदि में भी रहता है, तो इस खंड में आपकी पकड़, आपकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.TEACHERS ADDA आपके इस चुनौतीपूर्ण सफ़र में हर कदम पर आपके साथ है।

Q1. उत्पत्ति की दृष्टि से शब्दों के ............. भेद हैं।
(a) एक
(b) दो
(c) चार
(d) पाँच

Q2. ‘आवाज’ शब्द का उद्गम है-
(a) फारसी भाषा
(b) अरबी भाषा
(c) प्राकृत
(d) तुर्की भाषा

Q3. ‘चुगुल’ तुर्की शाब्द का शुद्ध हिन्दी रूप है-
(a) चुगली
(b) चुगल
(c) चुगलखोर
(d) चुगलखोरी

Q4. ध्वनियों के मेल से बने सार्थक वर्णसमुदाय को ................. कहते हैं।
(a) वर्ण
(b) शब्द
(c) तत्सम
(d) देशज

Q5. ऐसे शब्दए जो संस्कृत और प्राकृत से विकृत होकर हिन्दी में आये हैं, .................... कहलाते हैं।
(a) तत्सम
(b) तद्भव
(c) देशज
(d) विदेशी

निर्देश (प्रश्न सं. 6-10): दिये गये गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प छाँटिए।

आदिम आर्य घुमक्कड़ ही थे। यहाँ से वहाँ वे घुमते ही रहते थे। घुमते भटकते ही वे भारत पहुँचे थे। यदि घुमक्कड़ी का बाना उन्होंने न धारण किया होता, यदि वे एक स्थान पर ही रहते, तो आज भारत में उनके वंशज न होते। भगवान बुद्ध घुमक्कड़ थे। भगवान महावीर घुमक्कड़ थे। वर्षा-ऋतु के कुछ महीनों को छोड़कर एक स्थान में रहना बुद्ध के वश का नहीं था। 35 वर्ष की आयु में उन्होंने बुद्धत्व प्राप्त किया। 35 वर्ष से 80 वर्ष की आयु तक जब उनकी मृत्यु हुई, 45 वर्ष तक वे निरंतर घूमते ही रहे। अपने आपको समाज सेवा और धर्म प्रचार में लगाये रहे। अपने शिष्यों से उन्होंने कहा था ‘चरथ भिक्खवे चारिक’ हे भिक्षुओं! घुमक्कड़ी करो यद्यपि बुद्ध कभी भारत के बाहर नहीं गए, किन्तु उनके शिष्यों ने उनके वचनों को सिर आँखों पर लिया और पूर्व में जापान, उत्तर में मंगोलिया, पश्चिम में मकदूनिया और दक्षिण में बाली द्वीप तक धावा मारा। श्रावण महावीर ने स्वच्छन्द विचरण के लिए अपने वस्त्रों तक को त्याग दिया। दिशाओं को उन्होंने अपना अम्बर बना लिया, वैशाली में जन्म लिया, पावा में शरीर त्याग किया। जीवनपर्यन्त घूमते रहे। मानव के कल्याण के लिए मानवों के राह प्रदर्शन के लिए और शंकराचार्य बारह वर्ष की अवस्था में संन्यास लेकर कभी केरलए कभी मिथिला, कभी कश्मीर और कभी बद्रिकाश्रम में घुमते रहे। कन्याकुमारी से लेकर हिमालय तक समस्त भारत को अपना कर्मक्षेत्र समक्षा। सांस्कृतिक एकता के लिए, समन्वय के लिए, श्रुति धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य के प्रयत्नों से ही वैदिक धर्म का उत्थान हो सका।

Q6. ‘घुमक्कड़’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(a) अक्कड़
(b) ड़
(c) अड़
(d) कड़

Q7. महावीर स्वामी का जन्म कहाँ हुआ था?
(a) पावापुरी
(b) वैशाली
(c) कुशीनगर
(d) पारसौली

Q8. ‘स्वच्छन्द’ कौन-सी सन्धि है?
(a) विसर्ग
(b) दीर्घ
(c) गुण
(d) व्यंजन

Q9. महात्मा बुद्ध ने जब बुद्धत्व प्राप्त किया, तब उनकी अवस्था कितनी थी?
(a) 12 वर्ष
(b) 35 वर्ष
(c) 45 वर्ष
(d) 80 वर्ष

Q10. ‘श्रुति धर्म’ का क्या अर्ध है?
(a) जैन धर्म
(b) बौद्ध धर्म
(c) मुस्लिम धर्म
(d) वैदिक धर्म




Solutions



S1. Ans.(c)

Sol. चार



S2. Ans.(a)

Sol. फारसी भाषा



S3. Ans.(b)

Sol. चुगल



S4. Ans.(b)

Sol. शब्द



S5. Ans.(b)

Sol. तद्भव



S6. Ans.(a)

Sol. ‘घुमक्कड़’ (घुम + अक्कड़) में ‘अक्कड़’ प्रत्यय लगा है।



S7. Ans.(b)

Sol. गद्यांश के मध्य में वर्णित है कि महावीर स्वामी का जन्म वैशाली में हुआ था।



S8. Ans.(d)

Sol. ‘स्वच्छन्द’ का सन्धि विच्छेद ‘स्व $ छन्द’ है। यह व्यंजन सन्धि है।



S9. Ans.(b)

Sol. गद्यांश में वर्णित है कि महात्मा बुद्ध ने जब बुद्धत्प प्राप्त किया, तब उनकी अवस्था 35 वर्ष थी।



S10. Ans.(d)

Sol. ‘श्रुति’ वेद को कहा जाता है। अतः ‘श्रुति धर्म’ का अर्थ वैदिक धर्म है।







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