Practice Hindi Language Scoring Questions For CTET Exam | Practice Now



हिंदी भाषा TET परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है इस भाग को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है .बस आपको जरुरत है तो बस एकाग्रता की. ये खंड न सिर्फ CTET Exam (परीक्षा) में एहम भूमिका निभाता है अपितु दूसरी परीक्षाओं जैसे UPTET, KVS,NVS DSSSB आदि में भी रहता है, तो इस खंड में आपकी पकड़, आपकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.TEACHERS ADDA आपके इस चुनौतीपूर्ण सफ़र में हर कदम पर आपके साथ है।










Directions (1-10): निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सबसे उचित विकल्प चुनिए। 

 Q1. पढ़ने की कुशलता का विकास करने के लिए जरूरी है कि
बच्चों को द्रुत गति से पढ़ने के लिए बाध्य किया जाए
बच्चों को बोल-बोलकर पढ़ने के लिए निर्देश दिए जाएँ
बच्चों को शब्दार्थ जानने के लिए बाध्य किया जाए
बच्चों को विविध प्रकार की विषय-सामग्री उपलब्ध कराई जाए
Solution:
पठन-कौशल के विकास में विद्यार्थियों के लिए बोल-बोलकर पढ़ना अत्यधिक लाभकारी होता है। जबकि दु्रत गति से बोलने में शब्दों में त्रुटियाँ होने की सम्भावाना बनी रहती है और शब्दार्थ जानने के लिए बाध्य करने, से पठन कौशल में रूकावट पैदा होती है। चैथे विकल्प में दी गई जानकारी से पठन-कौशल पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है।

Q2. पाठ्य-वस्तु का भावपूर्ण पठन
केवल कविताओं पर ही लागू होता है
पठन का एकमात्र आदर्श रूप है
पठन की पहली और अनिवार्य शर्त है
अर्थ को समझने में मदद करता है
Solution:
पाठ्य वस्तु का भावपूर्ण पठन अर्थ को समझने में मदद करता है। जब हम कोई सामग्री पढ़ते हैं तो हमें यह बात अवश्य ध्यान रखनी चाहिए कि हमें उस सामग्री के शब्दिक अर्थ के साथ-साथ उसके भाव को ग्रहण करना भी अनिवार्य है। भाव को ग्रहण किए बिना प्रायः अर्थ का अनर्थ सम्भव है।

Q3. भाषा-शिक्षण के सन्दर्भ में कौन-सा कथन सही नहीं है ?
भाषागत शुद्धता के प्रति अत्यधिक कठोर रवैया का निर्माण करते हैं
समृद्ध भाषिक परिवेश में बच्चे स्वयं निममों का निर्माण करते हैं
भाषा-भाषिक में समृद्ध भाषिक परिवेश उपलब्ध कराना जरूरी हैं
भाषा की नियंमबद्ध व्यवस्था को केवल व्याकरण के माध्यम से ही जाना जा सकता है
Solution:
भाषा-शिक्षण के सन्दर्भ में भाषा की नियमबद्ध व्यवस्था को केवल व्याकरण के माध्यम से ही जाना जा सके यह अनिवार्य नहीं है।

Q4. बच्चों में भाषा-सीखने की क्षमता जन्मदाता होती है। अतः
उनकी इस क्षमता का भरपूर प्रयोग करते हुए भाषायी नियम सिखाए जाने चाहिए
बच्चों को समृद्ध भाषिक परिवेश उपलब्ध कराया जाना चाहिए
भाषा-शिक्षण का कार्य नहीं किया जाना चाहिए
भाषा-शिक्षण का कार्य घर पर ही किया जाना चाहिए
Solution:
बच्चों में भाषा-सीखने की क्षमता जन्मजात होती है। अतः बच्चों को समृद्ध भाषिक परिवेश उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

Q5. पठित अंश पर प्रश्नों का निर्माण करवाने से
प्रश्न-बैंक तैयार हो जाता है, जिसका उपयोग प्रश्न-पत्र बनाने में किया जाता है
बच्चों की ऊर्जा, समय व्यर्थ चला जाता है
बच्चों की पढ़कर समझने की योग्यता का आकलन होता है
प्रश्न-पत्र बनाने में आसानी होती है
Solution:
पढ़े गए अंश अथवा अनुच्छेद पर आधारित प्रश्नों का निर्माण करने से बच्चों की पढ़कर समझने की योग्यता का आकलन होता है।

Q6. रागिनी हमेशा ‘हैण्डपम्प’ को चापाकल बोलती है। एक शिक्षिका के रूप में आप क्या करेंगी।
उसे डाटँगे कि उसने गलत शब्द का प्रयोग किया है
उसकी तरफ कोई ध्यान नहीं देंगे
रागिनी को समझाएँगे कि यह चापाकल नहीं हैण्डपम्प है
सम्पूर्ण कक्षा को बताएँगे कि हैण्डपम्प को चापाकल भी कहा जाता है
Solution:
एक शिक्षिका के रूप में यदि उसकी कक्षा का कोई विद्यार्थी किसी विशेष का पर्याय प्रयोग कर रहा है, तो उसे सभी विद्यार्थीयों को यह बताना चाहिए कि वह मूल शब्द का ही पर्याय है।

Q7. भाषा तब सबसे सहज और प्रभावी रूप से सीखी जाती है, जब
भाषा-प्रयोग की क्षमता प्रमुख उददेश्य हो
भाषा की पाठ्य-पुस्तक में अधिक-से-अधिक पाठों का समावेश हो
भाषा के नियम कण्ठस्थ कराए जाएँ
भाषा-शिक्षक कठोर रवैया अपनाते हैं
Solution:
भाषा तब सबसे सहज और प्रभावी रूप से सीखी जाती है जब भाषा-प्रयोग की दक्षता प्रमुख उद्देश्य हो।

Q8. मुहावरे और लोकोक्तियों का प्रयोग करना
भाषिक अभिव्यक्ति को प्रभावी बनाता है
केवल गद्य पाठों के अभ्यासों का हिस्सा है
व्याकरण का प्रमुख हिस्सा है
हिन्दी भाषा-शिक्षण का सबसे महत्त्वपूर्ण उद्देश्य है
Solution:
भाषा-अभिव्यक्ति को अधिक समृद्ध एवं प्रभावी बनाने के लिए हम मुहावरोें एवं लोकोक्तियों का प्रयोग करते हैं, इसलिए विकल्प (1) सही है।

Q9. निम्नलिखित में से कौन-सी विधा का अनिवार्यतः सस्वर पठन किया जाना अपेक्षित है ?
निबन्ध
एकांकी
जीवनी
आत्मकथा
Solution:
एकांकी एक ऐसी विधा है, जिसमें अनिवार्यातः सस्वर पठन किया जाना अपेक्षित है। इससे पाठन कौशल में अपेक्षित विकास सम्भव है।

Q10. भाषा की पाठ्य-पुस्तक में लोकगीतों को स्थान देना
भारत की सांस्कृतिक विशेषताओं से परिचित होने में मदद करता है
बच्चों को ‘संगीत’ सिखाने से जुड़ा है
गायन को महत्त्व देना है
परम्परा का निर्वाह करना है
Solution:
भाषा की पाठ्य-पुस्तकों में लोकगीतों के माध्यम से भारतीय संस्कृति से परिचित कराना, रसानुभूति कराना प्रमुख उद्देश्य है।

               

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