CTET Hindi Preparation Questions | Study Material



हिंदी भाषा TET परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है इस भाग को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है .बस आपको जरुरत है तो बस एकाग्रता की. ये खंड न सिर्फ CTET Exam (परीक्षा) में एहम भूमिका निभाता है अपितु दूसरी परीक्षाओं जैसे UPTET, KVS,NVS DSSSB आदि में भी रहता है, तो इस खंड में आपकी पकड़, आपकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.TEACHERS ADDA आपके इस चुनौतीपूर्ण सफ़र में हर कदम पर आपके साथ है।








Directions (1-5): गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए।
अभी भी इस बारे में बहुत कम जानकारी है कि आधुनिक कही जाने वाली आज की दुनिया आखिर कैसे संचालित हो रही है। हालाँकि हरेक देश के पास इसकी कोई-न-कोई आधिकारिक व्याख्या जरूर है कि वे कैसे और किन सन्दर्भों में आध्निक हो रहे है। लेकिन इस बारे में मेरा कहना है कि आधुनिकता को समझने के लिए जरूरी है कि आप अपने अन्दर झाँक सकें। इससे आपको पता चलेगा कि आधुनिकता की राह पर बढ़ने के लिए समाज को किन चीजों की जरूरत होती है। बेशक, आज हर कोई माॅडर्न होना चाहता है, लेकिन आधुनिक की रहा उतनी स्पष्ट नहीं है, जितनी वह मानी जाती है।
इसलिए में यह बात बार-बार हूँ कि पश्चिमी समाज कभी-कभी आधुनिक नहीं रहे। पश्चिम के पास एकमात्र उल्लेखनीय चीज़्ा है साइंस, जिसमें उसने तरक्की की लेकिन जिन साइंटिस्टों के बलबूते वहाँ आधुनिकता का परचम लहराया जाता है, खुद वे साइंटिस्ट अपने कलचर में उलझे रहते हैं। उनका यह कल्चर आध्ुनिकता का झण्डाबरबदर है। यह भी नहीं कहा जासकता है कि उनके कल्चर पर दूसरी संस्कृतियों और लोकाचारों का असर नहीं हुआ। अगर यह असर है तो सिर्फ वही आधुनिक क्यों कहा जाए?
(ब्रूनो-लातूर-फ्रेंच सोशल सांइटिस्ट)

Q1. लेखक ने किस बात की अस्पष्टता की ओर संकेत किया है?
आधुनिक बनने के मानदण्डों में वैविध्य
पश्चिम देष की संस्कृति
तरक्की का अर्थ
आधुनिकता की सही व्याख्या
Solution:
आधुनिकता की सही व्याख्या पर लेखक ने संकेत किय है क्योंकि सम्पूर्ण गद्यांश में आधुनिक बनने तथा उसकी प्रक्रिया को भिन्न-भिन्न रूपों से व्यक्त किया गया है।

Q2. हर देश ने
आधुनिक होने के अपने अर्थ और मानदण्ड तय किए हैं
आधुनिक होन के समान व्याख्या की है
अपने द्वारा निर्धारित मानदण्डों को सही नहीं कहा है
अपने-आप को आधुनिक साबित किया है
Solution:
हर देश ने आधुनिक होने के अपने-अपने अर्थ और मानदण्ड तय किए हैं।

Q3. लेखक के अनुसार आधुनिक होने के लिए क्या जरूरी है?
आधुनिक की निश्चित परिभाषा
स्वयं का विश्लेषण
साइंस में तरक्की करना
अपनी संस्कृति का संरक्षण
Solution:
लेखक के अनुसार आधुनिक होने के लिए स्वयं का विश्लेषण करना जरूरी है क्योंकि गद्यांश में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि जब हम अपने-आप में झाँक लेंगे तो निश्चित रूप से हमें पाता चल जाएगा कि आधुनिक के लिए किन चीजों की जरूरत होती है।

Q4. ‘पश्चिमी समाज कभी-कभी आधुनिक नहीं रहे।’ लेखक ने ऐसा क्यों कहा होगा?
पश्चिमी समाज दूसरे कलचर का असर ग्रहण का रहा है
पश्चिम समाज के पास साइंस है
पश्चिम समाज यह नहीं जानता कि आधुनिक का अर्थ क्या है और कौन-सी चीजें समाज को आधुनिक बनाती हैं
आधुनिक समाज आधुनिक नहीं है
Solution:
लेखक के स्पष्ट कि है कि ‘पश्चिमी समाज कभी-कभी आधुनिक नहीं रहे क्योंकि पश्चिमी समाज यह नहीं जानता कि आधुनिक का अर्थ क्या है और कौन-सी चीज़्ों समाज को आधुनिक बना सकती हैं।

Q5. लेखक इस गद्यांश में क्या कहना चाहता है?
पश्चिमी समाज आधुनिक हैं
वैज्ञानिकों को केवल अपनी संस्कृति का ज्ञान है
विज्ञान में उन्नति करना ही आधुनिक होने का मानदण्ड नहीं है
आधुनिक होने के लिए विज्ञान में तरक्की करना जरूरी है
Solution:
गद्यांश में लेख स्पष्ट रूप से यह कहना चाहता है कि विज्ञान में उन्नति करन ही आधुनिक होने का मानदण्ड नहीं है, बल्कि हमें स्वयं का आकलन करना होगा कि आधुनिक बनने के लिए हमें किन-किन चीज़् की जरूरत है।

Directions (6-10): गद्यांश को पढ़कर निमनलिखित प्रश् नों में सबसे उचित चिकल्प चुनिए।
कमजोर विचारक तत्काल उत्तर की ओर दौड़ता है। पर सोचने वाले बच्चे समय लेते हैं। सवाल पर विचार करते हैं। कया यह अन्तर केवल सोचने के कौषल के होने या न होने के कारण है? एक ऐसा कौषल जो केवल एक तकनीक है और जिसे, अगर भाग्य ने साथ दिया तो, हम बुद्धि से बच्चों को सिखा सकते हें क्या बच्चों को इस कौषल में प्रशिक्षित कर सकते हैं? मुझे भय है कि ऐसा नहीं है। अच्छा विचारक सोचने मे समय इसलिए लगा समता है, क्योंकि वह अनिश्चय को सह सकता है। वह अस बात को भी झेल सकता है कि वह कोई चीज नहीं जानता। पर कमजोर विचारकर को कुछ न जानने की कल्पना ही असहनीय लगती है। क्या इस पूरे विश्लेषण से हम यह नहं पाते कि असल में इस बच्चों में ‘गलत’ होने का भय बैठा होता है। यही भय है जो मोनिका जैसे बच्चों पर भयानक दबाव डालता है। ठीक ऐसे ही दबाव हैल भी महसूस करता है, शायद मैं भी। मोनिका अकेली नहीं है जो सही होना चाहती है और गलत होने से डरती है। पर यहाँ शायद एक दूसरी असुरक्षा की भावना काम करती होती है। यह असुरक्षा की भावना पैदा होती है, सवाले के लिए कोई भी जवाब नहीं होने से।

Q6. कमजोर को क्या असहनीय लगता है?
उत्तर न जानना विचार
विचार
प्रशिक्षण
सोचने का कौशल
Solution:
कमजोर को उत्तर न जानना असहनीय लगता है, क्योंकि कमजोर विचारक को कुछ न जानने की कल्पना का भय सदस बना रहता है कि कहीं वह गलत न सिद्ध हो जाए।

Q7. ‘प्रशिक्षित’ शब्द में उपसर्ग और प्रत्यय हैं
प्र, त
प्र, ईत
प्र, क्षित
प्र, इत
Solution:
‘प्रशिक्षित’ शब्द में ‘प्र’ उपसगै है तथा ‘इत’ प्रत्यय है।

Q8. ‘वह गलत होने से ...............डरती है।’ वाक्य में उचित क्रिया-विशेषण शब्द आएगा।
तेज
अचानक
धीरे-धीरे
बहुत
Solution:
वह गलत होने से बहुत डरती है वाक्य में ‘बहुत’ उचित क्रिया-विशेषण शब्द है।

Q9. ‘शायद मैं भी।’ वाक्य है
संकेतवाचक
इच्छार्थक
विधानवचाक
सन्देहवाचक
Solution:
‘शायद मैं भी’। वाक्य ‘सन्देहवाचक वाक्य’ है।

Q10. ‘तत्काल’ शब्द का सन्धि-विच्छेद है
तत + काल़
त + अकाल
ततः + काल
तत् + काल
Solution:
‘तत्काल’ शब्द का सन्धि-विच्छेद है-तत् + काल है, क्योंकि यहाँ व्यंजन सन्धि है।

               

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